मराठी साहित्याचा डिजिटल खजिना.
संतोषी मातेची आरती
मैं तो आरती उतारूं रे
संतोषी माता की मैं तो आरती उतारूं रे
जय जय संतोषी माता
जय जय बडी ममता है बडा प्यार मां की आखोंमें
मां की आखोमें बडी करुणा माया दुलार
मां की आखोंमें मां की आखोंमें
क्यूं न देखूं मैं बारंबार मां कीं आखोंमें दिखे हर
घडी नया चमत्कार मां की आखोंमे नृत्य करूं
छुम छुम झम झमा झुम झुम झुम झांकी निहारू रे
ओ प्यारी प्यारी झांकी निहारू रे सदा होती है जयजयकार
मां के मंदिरमें मां के मंदिरमें नित्य झांझर की
होए झनकार मां के मंदिरमें मां के मंदिरमें सदा
मंजिरे करते पुकार मां के मंदिरमें दिखे हर घडी
नया चमत्कार मां के मंदिरमें दीप धरूं धूप करूं
प्रेम सहित भक्ति करूं जीवन सुधारू रे
ओ प्यारा प्यारा जीवन सुधारू रे मैं
तो आरती उतारूं रे संतोषी माता की
जय जय संतोषी माता जय जय मां जय जय मां
महत्वाचे संग्रह
वॉलपेपर




Loading...